Open Access | Peer-Reviewed | Bi-Monthly

Publisher: Dr. N.M Shah Foundation

ISSN: 3108-0367

DOI Namespace: 10.68013/nuj

ज्ञान, स्वास्थ्य और समाज: 20वीं सदी में मारवाड़ रियासत में शिक्षा एवं चिकित्सा संस्थाओं के विकास का सामाजिक प्रभाव

Abstract

सामाजिक परिवर्तन, संस्थागत पुनर्गठन और आधुनिक चेतना का प्रसार—20वीं सदी में मारवाड़ रियासत को आकार देने वाले सामाजिक इतिहास के कुछ पहलुओं में यह दिखाई दिया। मदरसों और धार्मिक शिक्षा के अलावा, आधुनिक स्कूलों, माध्यमिक शिक्षा, कॉलेजों तथा व्यावसायिक–तकनीकी शिक्षा जैसे गैर-परंपरागत शैक्षिक मार्गों में भी विस्तार किया गया। प्राथमिक शिक्षा का विस्तार 1923 में हुआ, जबकि मारवाड़ मिडिल स्कूल की परीक्षा 1925 से शुरू की गई। 1935–36 में पाठ्यक्रम में कृषि, बढ़ईगीरी, टेलरिंग कला, स्वास्थ्य-संरक्षण और निःस्वार्थ सेवा जैसे व्यावहारिक विषयों को शामिल किया गया। चिकित्सा क्षेत्र में भी बदलाव हुए और 1904 तक कार्यरत 24 अस्पताल तथा 8 औषधालय थे। 1932 में विंधम अस्पताल, 1936 में स्वास्थ्य विभाग और 1938 में उमेद महिला अस्पताल जैसी संस्थाओं ने आधुनिक जागरूकता तो पैदा की, लेकिन वे ग्रामीण और निर्धन समूहों तथा महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने में विफल रहीं।

Keywords

मारवाड़, शिक्षा, चिकित्सा, आधुनिकता, सामाजिक परिवर्तन, महिला शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जोधपुर, रियासती प्रशासन।

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Citation

डॉ. रीतू चौधरी. ज्ञान, स्वास्थ्य और समाज: 20वीं सदी में मारवाड़ रियासत में शिक्षा एवं चिकित्सा संस्थाओं के विकास का सामाजिक प्रभाव. Nexus Universal Journal, Vol. 2, Issue 4, 2026.
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